
द चेतक न्यूज
कुशीनगर : विक्रम संवत 2082 कैसा होगा यह ज्योतिषाचार्य पंडित जगन्नाथ तिवारी ने बताया कि इस वर्ष का राजा व मंत्री सूर्य है तथा कलयुक्त नामक सम्वत्सर है, जिससे राज सत्ता के पदाधिकारियों में परस्पर सम्बन्ध अनुकूल रहेंगे।
जगलग्न के अनुसार लग्न में निचस्थ बुद्ध के साथ राहु के सयोग से पूर्वोत्तर भागों में प्राकृतिक विपत्तियां पैदा होकर जन समुदाय में वृद्धि कारक हैं। रूस, जापान, फिलिपींस द्वीप समूह, पूर्वी भारत एवं आस्ट्रेलिया आदि राष्ट्रों में तूफान भूकंप पर्वत श्रृंखलाओं के विघटन से जन धन की हानि हो सकती है। धनेश मंगल नीच राशि तथा राहु की दृष्टि है और तृतीयेस शुक्र व्ययभाव में शनि के साथ है अतः भारत को अपने पड़ोसी देशों से सावधान रहना पड़ेगा वर्ष लग्न के अनुसार लगनेस अस्टम भाव में राहु के साथ तथा अष्टमस्थ सूर्य, चंद्र, बुध, राहु एवं सप्तमस्थ शुक्र, शनि के योग से उग्रवाद एवं आतंकवादी ताकते विश्व के हर भूभाग पर फैलेंगे। वाहन तथा यान दुर्घटना विश्व में बढ़ेगी।
आइए जानते है इसका क्या असर पड़ेगा बारह राशियों पर
मेष राशि वालों के लिए यह वर्ष मिश्रित फल देगा स्वास्थ्य सम्बंधित, मानसिक कष्ट, घरेलू परेशानियां बढ़ सकती हैं दांपत्य जीवन में मतभेद हो सकते हैं 4 मई 2025 से शनि की साढेसाती का प्रारंभ होने से कष्ट होगा परंतु राहु लाभ भाव में हो जाने से हर प्रकार की परेशानियां ठीक हो जाएंगी हनुमान चालीसा का नित्य पाठ करना अधिक लाभप्रद होगा।
वृष राशि वालो के लिए यह वर्ष शुभदायक है उत्तम स्वास्थ्य, भौतिक सुख साधनों में वृद्धि होगी। कभी-कभी उदर से पीड़ा हो सकती है उपाय लहसुनिया नवरात्रि धारण करने से लाभ प्राप्त होगा।
मिथुन राशि वालों के लिए यह वर्ष सामान्य रहेगा, उत्तम स्वास्थ्य रहेगा परंतु अनावश्यक मानसिक चिंता बनी रहेगी आय नवीन स्रोत बनेंगे नित्य शिवजी की आराधना करना लाभप्रद होगा।
कर्क राशि वालों के लिए यह वर्ष प्रतिकूल रहेगा परंतु कार्य की चिंता होगी व्यापार में हानि हो सकती है उधर तथा आज संबंधित व्याधि हो सकती है मृत्युंजय जाप से लाभ प्राप्त होगा 3, 6,7, 11, 12 माह कष्टकारी हो सकते हैं।
सिंह राशि वालों के लिए यह वर्ष 4 में 2025 से शनि की अढ़ीया के प्रभाव से स्वास्थ्य संबंधी कष्ट, मानसिक कष्ट हो सकता है परंतु घर में शुभ कार्य होंगे वर्ष पूरा मिश्रित फल दाई होगा शिवजी की आराधना से लाभ प्राप्त होगा पांचवा, छठवा, आठवां, बरहवा माह कष्टकारी हो सकता है।
कन्या राशि वालों के लिए यह वर्ष सामान्य फलदाई रहेगा अस्थि उधर नेत्र से पीड़ा हो सकती है परंतु भौतिक सुख साधनों में वृद्धि होगी पांचवा, छठवा, नौवा, इगरहवा, बरहवा कष्टदायी रहेगा है।
तुला राशि वालों के लिए यह वर्ष शुभदाई है हर क्षेत्र में लाभ ही लाभ रहेगा परंतु तीसरा, छठवा, सातवां, इगरहवा, बराहवा माह कष्ट दायक रहेगा उपाय – मृत्युंजय जप से लाभ प्राप्त होगा।
वृश्चिक राशि वालों के लिए इस वर्ष शनि की ढ़ैय्या का प्रभाव समाप्त हो रहा है आर्थिक स्थिति में सुधार होगा परंतु कंठ, कर्ण, आंत संबंधित पीड़ा हो सकती है तीसरा, छठवा, इग्यारह, बरहवा माह कष्ट दायक रहेगा। हनुमान जी और शिवजी की आराधना से लाभ प्राप्त होगा।
धनु राशि वालों के लिए इस वर्ष सनी की ढैय्या के कारण मानसिक चिंता, महत्वपूर्ण कार्यों में बाधा, अनावश्यक भय हो सकता है। परंतु घर में शुभ कार्य होंगे तीसरा, पांचवा, छठवा, 11वां, 12वां माह कष्ट दायक रहेगी विष्णु जी की आराधना से आराम मिलेगा।
मकर राशि वालों के लिए इस वर्ष शुभ तथा अशुभ दोनों परिस्थितियों उत्पन्न हो सकती हैं धन का लाभ होगा परंतु व्यय की अधिकता होगी। न्यायलय के कार्यों में स्थिरता रहेगी।
कुम्भ राशि वालों के लिए यह वर्ष सामान्य रहेगा स्वास्थ्य में सुधार होगा। किंतु मानसिक कष्ट संभव है घर में मांगलिक कार्य होंगे तीसरा, छठवा, 11वां माह कष्ट दायक होगा मृत्युंजय जप लाभप्रद रहेगा।
मीन राशि वालों के लिए यह वर्ष शनि की साढेसाती के कारण कार्यों में बाधा, मानसिक चिंता, परिवार में मतभेद, उधर, कमर, नेत्र, अस्थि में पीड़ा हो सकती है मृत्युंजय जप से शांति व लाभ प्राप्त होगा।
जिन राशियों का फल ठीक नहीं है वे वर्ष के प्रथम दिन हल्दी, केसर, और 21 दाना चावल, सात बेलपत्र, जल में मिलकर प्रातः एवं साय काल शिव जी को चढाने और देसी घी का 12 दीपक जलाकर 108 बार ॐ नमः शिवाय का जाप करें इससे पूरा वर्ष शुभ दायक रहेगा।