सड़क दुर्घटना में घायल अमरेश का परिवार गरीबी के दंश से ग्रसित है, परिवार का चिराग बचाने के लिए आपसभी के मदद की आवश्यकता है

द चेतक न्यूज़
पडरौना, कुशीनगर : कुछ दिनों पूर्व एक सड़क दुर्घटना में गम्भीर रूप से घायल हुए जिले के पडरौना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा चितहाँ निवासी अमरेश मिश्रा गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं तो गरीबी के साये में जी रहा उनका परिवार किसी ऐसे फरिश्ते का इंतजार कर रहा है, जो उसका इलाज कराकर अमरेश को एक नई जिंदगी की सौगात दे सके। बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले अमरेश के कुछ दिनों पूर्व रोड एक्सीडेंट मे गंभीर रुप से घायल होने के बाद एक घर के चिराग को बुझने से बचाने के लिए कुशीनगर जनपद के युवा सोशल मीडिया पर मुहिम चलाकर जनपद के समाजसेवियों और लोगों से अमरेश की मदद की गुहार लगा रहे हैं। 7 महीना पहले अमरेश की शादी हुई थी, घर गांव क्षेत्र मे अमरेश सबके प्रिय थे। एक्सीडेंट मे गंभीर रुप से घायल होने के बाद जनसहयोग से कुशीनगर के युवाओ ने 5 लाख रूपये अबतक इकट्ठा कर लिया है लेकिन यह अमरेश के ईलाज के लिए पर्याप्त नहीं है। अमरेश के जीवन को बचाने के लिए लगभग उन्हें 1 महीने हॉस्पिटल में रहना पड़ेगा, प्रत्येक दिन लगभग 50 हजार रूपये का खर्च अमरेश के ईलाज में आ रहा है। लगभग 10 दिनों से गोरखपुर के राजवंशी हॉस्पिटल में एडमिट अमरेश के ईलाज में जनसहयोग से इकट्ठा 5 लाख रुपये में लगभग 4 लाख रुपये ईलाज मे लग चुका है, परिवार की माली हालत इतनी खराब है कि प्रत्येक दिन पेट की भूख खत्म करने के लिए भी परिवार को संघर्ष करना पड़ता है इस परिवार के पास कोई जमीन जायदाद भी नहीं है, जिसे बेचकर वह अमरेश का ईलाज कराये , गांव क्षेत्र के लोगो से बात करने के दौरान पता चला अमरेश बहुत ही समाजिक लड़का था, सभी के सुख दुःख मे हमेशा खड़ा रहता था, लेकिन भगवान ने उसके साथ ऐसा किया, यह क्षेत्र के लोगो को झकझोर दिया है, सर्व समाज के लोग अमरेश के जीवन के लिए प्रार्थना कर रहे है..
अमरेश के भरोसे ही परिवार का जीविकोपार्जन चलता था इस परिवार के पास आय का कोई दूसरा जरिया भी नहीं है। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि करीब 10 लाख रुपये जैसे भारी इलाज खर्च को अकेले उठा सके। ऐसे समय में अगर हम सब थोड़ा-थोड़ा साथ दे दें तो यह बोझ हल्का हो सकता है। मदद बड़ी ही हो, यह जरूरी नहीं। 1000 रुपये नहीं तो 100 रुपये या अपनी सामर्थ्य के अनुसार जो भी संभव हो। जब कई हाथ मिलते हैं तो एक जिंदगी बचाई जा सकती है। मानवता के इस कठिन क्षण में आगे बढ़कर कुशीनगर के अमरेश के जीवन बचाने मे सहयोग करें। हमारी छोटी-सी आर्थिक सहायता अमरेश को फिर से स्वस्थ होकर हमारे बीच लौटने की उम्मीद दे सकती है। सोशल मीडिया के माध्यम से अमरेश के जीवन बचाने हेतु मुहीम चलाने वाले समाजसेवी हेमंत मिश्रा ने कुशीनगर जनपद के लोगो से मानवीय अपील की है। बताते चलें कि गोरखपुर में स्थित राजवंशी हॉस्पिटल के डॉक्टर अमरेश को बचाने के जद्दोजहद में लगकर पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अमरेश के जीवन बचाने की यह बड़ी लड़ाई सिर्फ दवाइयों से नहीं, जन संवेदना और सहयोग से भी लड़ी जानी है यदि सहयोग नहीं मिला तो शायद अमरेश का जीवन बचना मुश्किल है। अमरेश की शादी को अभी महज 7 महीने ही हुए हैं, नई-नई बसी गृहस्थी, सपनों से भरा भविष्य और परिवार की उम्मीदें, सब कुछ आज एक अनहोनी के साये में है। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि करीब 10 लाख रुपये जैसे भारी इलाज खर्च को अकेले उठा सके। घर का चिराग बुझने की कगार पर है, एक पत्नी का सुहाग संकट में है।
ऐसे समय में अगर हम सब थोड़ा-थोड़ा साथ दे दें तो यह बोझ हल्का हो सकता है। मदद बड़ी ही हो, यह जरूरी नहीं। 1000 रुपये नहीं तो 100 रुपये या अपनी सामर्थ्य के अनुसार जो भी संभव हो। जब कई हाथ मिलते हैं तो एक जिंदगी बचाई जा सकती है। मानवता के इस कठिन क्षण में आगे बढ़कर कुशीनगर के अमरेश के जीवन बचाने मे सहयोग करें। हमारी छोटी-सी आर्थिक सहायता अमरेश को फिर से स्वस्थ होकर हमारे बीच लौटने की उम्मीद दे सकती है।


